• One
  • Two

डीएमआरसी स्‍टाफ के लिए प्रशिक्षण सत्रों के प्रकार

  • आरंभिक प्रशिक्षण :
  • भर्ती प्रक्रिया के माध्‍यम से चयनित नए कर्मचारियों को आरंभिक प्रशिक्षण प्रदान ‍कि‍या जाता है। यह प्रशिक्षण संस्‍थान उनको संगठनात्‍मक मिशन, विजन, नियमों एवं विनियमों की जानकारी, कार्य संबंधी कौशल से अवगत कराता है ताकि उनको उनकी कार्य संबंधी स्थितियों के लिए तैयार किया जा सके। प्रशिक्षुओं को सैद्धांतिक प्रशिक्षण दिया जाता है और उसके बाद विशिष्‍ट अवधि के लिए मौके पर प्रशिक्षण/अटैचमेंट पर रखा जाता है।
    कार्यक्रम में ‍नि‍म्‍नलिखित शामिल हैं :

    क. स्‍टेशन ‍नि‍यंत्रक/रेलगाड़ी प्रचालक (अवधि - 30 सप्‍ताह)

    सस्‍टेशन ‍नि‍यंत्रक स्‍टेशन प्रबंधन, सभी स्‍टेशनों के समय पर खुलने तथा ए एफ सी प्रणाली, लिफ्ट एवं एस्‍केलेटर सहित सभी स्‍टेशन उपकरणों के प्रभावी ढंग से कार्य करने, राजस्‍व एकत्र करने, भीड़ प्रबंधन तथा स्‍टेशन नियंत्रण कक्ष से रेलगाड़ी नियंत्रण प्रणाली के प्रचालनों के लिए जिम्‍मेदार हैं। रेलगाड़ी प्रचालक रेलगाड़ी नियंत्रण प्रणाली के अनुसार रेलगाड़ी चलाने, आवश्‍यकता पड़ने पर रेलगाड़ी में आई खराबी को दूर करने, किसी खराबी की स्थिति में रेलगाड़ी के हस्‍तचालित (मैनुअल) प्रचालन (डिग्रेडेड मोड) के लिए जिम्‍मेदार हैं। संगठन में कार्यभार ग्रहण करने के बाद, स्‍टेशन नियंत्रकों/रेलगाड़ी प्रचालकों को एक ही संवर्ग के होने के नाते साझा प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है ‍जि‍समें संबंधित विषय से अवगत कराना, अभिविन्‍यास प्राथमिक उपचार, अग्निशमन, सुरक्षा, स्‍टेशन प्रबंधन, चल स्‍टॉक, सिग्‍नलिंग, दूरसंचार, स्‍वचालित किराया संग्रहण प्रणाली, ड्राइविंग, सामान्‍य नियम एवं प्रक्रियाएं, सम्‍प्रेषण कौशल तथा अंग्रेजी बोलने, ग्राहक के लिए आवश्‍यक बातों से अवगत कराना एवं सॉफ्ट कौशल, वि‍फलता, आपदा से निपटने की तैयारी के प्रबंधन आदि शामिल हैं।

    ख. ग्राहक संबंध सहायक (अवधि - 16 सप्‍ताह)

    ग्राहक संबंध सहायक ग्राहक सहायता केंद्र पर ड्यूटी करते हैं। वे टिकट देने, यात्री संबंधी सूचना प्रसारित करने, ग्राहक सेवा, विकलांग व्‍यक्तियों के लिए सहायता की व्‍यवस्‍था करने, ग्राहक की शि‍कायतों को दूर करने, असामान्‍य स्थितियों जैसे कि भीड़ प्रबंधन, स्‍टेशन खाली कराने, से निपटने में स्‍टेशन नियंत्रक को सहायता करने सहित यात्रियों को सुविधा प्रदान करने के ‍लि‍ए जिम्‍मेदार हैं। संगठन में कार्यभार ग्रहण करने के बाद ग्राहक संबंध सहायकों को संबंधित विषय से अवगत कराना, प्राथमिक उपचार, अग्निशमन, सुरक्षा, स्‍टेशन प्रबंधन चल स्‍टॉक, दूरसंचार, स्‍वचालित किराया संग्रहण प्रणाली, ड्राइविंग, सामान्‍य नियम एवं प्रक्रियाएं, सम्‍प्रेषण कौशल तथा अंग्रेजी बोलने, ग्राहक के लिए आवश्‍यक बातों से अवगत कराना एवं सॉफ्ट कौशल, वि‍फलता, आपदा से निपटने की तैयारी के प्रबंधन में प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है।

    ग. कनिष्‍ठ अभियन्‍ता : इलेक्ट्रिकल / इलेक्‍ट्रॉनिक्‍स / मेकनिकल /सिविल (अवधि : 7 सप्‍ताह से 20 सप्‍ताह तक)
    घ. अनुरक्षक (मेनटेनर) : इलेक्ट्रिकल /इलेक्‍ट्रॉनिक्‍स / मेकनिकल / सिविल (अवधि : 6 सप्‍ताह से लेकर 17 सप्‍ताह तक)

    कनिष्‍ठ अभियन्‍ता /अनुरक्षक मेनटेनर यात्री की आरामदायक यात्रा और समय सारणी के अनुसार रेलगाड़ी सेवाएं सुनिश्चित करने के उद्देश्‍य से विभिन्‍न प्रणालियों एवं यात्री सुविधाओं हेतु निवारक एवं सुधारात्‍मक रख-रखाव संबंधी सेवाएं प्रदान करने के ‍लि‍ए जिम्‍मेदार हैं। इन कर्मचारियों को रेलगाड़ी सेवा बाधित होने पर कम से कम समय के भीतर गड़बड़ी को सही करने के प्रबंधन में भी प्रशिक्षि‍त किया जाता है। संगठन में कार्यभार ग्रहण करने के बाद, कनिष्‍ठ अभियन्‍ताओं/ अनुरक्षकों को चार सप्‍ताह की अवधि के ‍लि‍ए संबंधित ‍वि‍षय से अवगत कराने (ओरिएंटेशन) संबंधी प्रशिक्षण दिया जाता है और उसके बाद संबंधित विंगों अर्थात चल स्‍टॉक, सिग्‍नलिंग, दूरसंचार एवं स्‍वचालित किराया संग्रहण प्रणाली, कर्षण, ई एवं एम, सिविल, रेलपथ आदि में पेशेवर प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है।

    ड. यातायात ‍नि‍यंत्रक (अवधि - 3 सप्‍ताह)

    यातायात नियंत्रक प्रचालन नियंत्रण केंद्र (ओ सी सी) में ड्यूटी करते हैं। वे समय-सारणी के अनुसार राजस्‍व रेलगाडि़यों के सुरक्षित प्रचालन, यात्रियों के लिए रेलगाड़ी संबंधी सूचना घोषित एवं प्रदर्शित करने और आपातकालीन घोषणाओं, यातायात ‍वि‍नियमन, गड़बड़ी को सही करने, अभियंता नियंत्रण प्रबंधन आदि के लिए जिम्‍मेदार हैं। प्रचालन नियंत्रण केंद्र में कार्यभार ग्रहण करने के बाद यातायात नियंत्रकों को इस तथ्‍य के बाद भी कि वे स्‍टेशन नियंत्रकों/रेलगाड़ी प्रचालकों की ड्यूटियों में पहले ही प्रशिक्षित हैं, ओ सी सी ड्यूटियों में तीन सप्‍ताह का ‍वि‍शिष्‍ट प्रशिक्षण दिया जाता है।


  • पुनश्‍चर्या (रिफ्रेशर) प्रशिक्षण
  • मौजूदा कर्मचारियों को उनके ज्ञान को ताजा करने एवं बढ़ाने के लिए निर्धारित अंतरालों पर प्रशिक्षण ‍दि‍या जाता है जो उन्‍हें प्रौद्योगिकी, प्रणालियों या प्रक्रियाओं से अद्यतन रखता है। पुनश्‍चर्या प्रशिक्षण की अवधि उनकी कार्य स्थिति के अनुसार भिन्‍न होती है।

  • कार्य बदलने (रिशफलिंग) संबंधी प्रशिक्षण
  • यह संगठन कर्मचारियों को कई कौशल प्रदान करने पर जोर देता है ‍जि‍सके लिए एक निश्चित अवधि के बाद स्‍टाफ को एक कार्य से दूसरे कार्य पर भेजा जाता है। स्‍टेशन प्रबंधक/लाइन पर्यवेक्षक/मुख्‍य नियंत्रक/स्‍टेशन नियंत्रक/रेलगाड़ी प्रचालक आदि एक कार्य से दूसरे कार्य में जाने से संबंधित प्रशिक्षण लेते हैं।

  • पदोन्‍नति‍ के बाद प्रशिक्षण
  • यह प्रशिक्षण पदोन्‍नत कर्मचारियों को प्रदान किया जाता है ताकि उनको उच्‍चतर स्‍तर पर कार्य की जिम्‍मेदारियाँ लेने के लिए तैयार किया जा सके।

  • विशेष प्रशिक्षण
  • विशेष विषयों/शीर्षकों पर विशिष्‍ट प्रशिक्षण अर्थात प्रबंधन विकास कार्यक्रम, कार्यकारी विकास कार्यक्रम, आपदा से निपटने की तैयारी, प्राथमिक उपचार, ग्राहक देखभाल, सॉफ्ट कौशल, साइन लैंगूएज प्रशिक्षण, अंग्रेजी में बोलने आदि में प्रशिक्षुओं को प्रदान किया जाता है।